देशभर में 4 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद बड़े पैमाने पर संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है। परीक्षा में लगभग 97 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सीसीटीवी निगरानी के जरिए 150 से अधिक अभ्यर्थियों को संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया है। अब इन सभी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इनमें दूसरे की जगह परीक्षा देने (इम्पर्सोनेशन), मोबाइल फोन के उपयोग और एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ जैसी अनियमितताएं शामिल हैं। खासतौर पर अजमेर और रायपुर में परीक्षा केंद्र बदलने और फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है, जिसे गंभीरता से जांचा जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, AI आधारित सिस्टम के जरिए फेस रिकॉग्निशन और व्यवहार विश्लेषण तकनीक का इस्तेमाल कर संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई। जिन उम्मीदवारों की गतिविधियां सामान्य परीक्षा मानकों से अलग थीं—जैसे बार-बार इधर-उधर देखना, संकेत करना या अन्य परीक्षार्थियों से संपर्क करने की कोशिश—उन्हें निगरानी में रखा गया। जांच के दौरान कुछ मामलों में पहचान पत्र और वास्तविक अभ्यर्थी के बीच असंगति भी पाई गई है। एनटीए ने पहले ही परीक्षा के दौरान 75 से अधिक टेलीग्राम चैनलों पर नजर रखी थी और तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। इसके बावजूद सामने आए मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि चिन्हित सभी अभ्यर्थियों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी। यदि जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित उम्मीदवारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें परीक्षा से निष्कासन और भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंध तक शामिल हो सकता है।







