Mega mock drill at Karmachat Dam; 'Bhishma Cube' tests its ability to provide on-the-spot treatment to 200 people

रोहतास: रोहतास जिले के चेनारी स्थित कर्मचट डैम पर आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। बिहार स्वास्थ्य विभाग और एम्स पटना के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस अभ्यास के दौरान राहत, बचाव और आपात चिकित्सा व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया को जमीन पर उतारकर जांचा गया।

मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी बड़ी आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और उन्हें कम से कम समय में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियों का परीक्षण करना था। अभ्यास के दौरान जल में डूबे लोगों और अन्य आपात स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने से लेकर उन्हें उपचार केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

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इस मेगा मॉक ड्रिल की सबसे खास व्यवस्था ‘भीष्म क्यूब’ पोर्टेबल मिनी फील्ड अस्पताल रहा। इस अत्याधुनिक पोर्टेबल चिकित्सा सुविधा को आपदा स्थल पर ही स्थापित किया गया, ताकि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक और उन्नत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

अभ्यास के दौरान यह भी परखा गया कि आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही जीवन रक्षक और अंग बचाने वाली सर्जरी जैसी चिकित्सा प्रक्रियाएं किस तरह संचालित की जा सकती हैं। ‘भीष्म क्यूब’ के जरिए एक साथ करीब 200 प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता का परीक्षण किया गया।

मॉक ड्रिल में राहत और बचाव दलों के बीच समन्वय, घायलों की पहचान, उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और तत्काल चिकित्सा सहायता देने की पूरी श्रृंखला का अभ्यास किया गया। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने आपदा के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को भी परखा।

कर्मचट डैम जैसे पर्यटन और जल गतिविधियों वाले क्षेत्रों में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए इस तरह के अभ्यास को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसी तैयारियों को मजबूत करना है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के साथ चिकित्सा सहायता भी बिना देरी के उपलब्ध कराई जा सके।