पटना। बिहार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जून महीने तक इस पुल पर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। इसके चालू होने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो जाएगी और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार, पुल का कुल लंबाई करीब 22.76 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर लगभग 4988.4 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस सिक्सलेन पुल में कुल 67 पाया बनाए गए हैं। हाल ही में पाया संख्या 61 पर अंतिम सेगमेंट सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया, जिससे परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। रविवार को इस अंतिम सेगमेंट को स्थापित करने के लिए विशेष तैयारी की गई थी। एलएंडटी, देबू ज्वाइंट वेंचर और बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BSRDC) के अधिकारी सुबह से ही मौके पर मौजूद रहे। इंजीनियरों की टीम विशेष जहाज के माध्यम से निर्माण स्थल तक पहुंची, जबकि दूसरे जहाज से सेगमेंट को लाया गया। इस दौरान पूरे आयोजन को सजावट के साथ संपन्न किया गया। इस पुल का डिजाइन कोरियाई कंपनी ने तैयार किया है, जबकि निर्माण कार्य एलएंडटी और देबू ज्वाइंट वेंचर द्वारा किया जा रहा है। इससे पहले परियोजना के पहले चरण में कच्ची दरगाह से राघोपुर तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन 23 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था। पुल के चालू होने के बाद पटना से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी की दूरी कम हो जाएगी। फिलहाल लोगों को महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु के जरिए आवागमन करना पड़ता है, जहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। नए पुल के शुरू होने से यातायात का दबाव भी कम होगा।







