बिहार के बेगूसराय जिले के गढ़पुरा प्रखंड में सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर ठेकेदार के फरार होने से लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण कार्य विभाग के मंझौल-बखरी प्रमंडल के तहत कुल 18 सड़कों का निर्माण कराया जाना था, लेकिन अधिकांश परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे आमजन को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर निर्माण कार्य न केवल अधूरा है, बल्कि गुणवत्ता भी बेहद खराब है। गढ़पुरा पंचायत के धरमपुर से एकम्बा जाने वाली सड़क इसका उदाहरण है, जहां महज 50 फीट ढलाई के बाद ही 12 घंटे में दरारें पड़ गईं। शिकायत मिलने पर 28 जून 2025 को विभागीय जांच हुई, जिसमें स्थिति चिंताजनक पाई गई। जांच के दौरान तत्कालीन एसडीओ चंदन कुमार और कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और खराब निर्माण को तोड़कर दोबारा काम कराने का निर्देश दिया। इसके बाद से ही संबंधित संवेदक लापता बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें बड़ी गिट्टी के बजाय निम्न गुणवत्ता की सामग्री मिलाई गई थी। ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता रमेश चौधरी ने बताया कि ठेकेदार विकास कुमार को कई बार नोटिस भेजा गया है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। अधूरी सड़कों में गढ़पुरा रेलवे स्टेशन, राहुल नगर, मुसहरी टोल, बलुआहा, भंसी, प्राणपुर, मौजीहरिसिंह समेत कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के अधूरे रहने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।







