Power is the biggest master key for Dalit empowerment: Mayawati

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक सत्ता ही दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अन्य वंचित समाजों के सशक्तिकरण की “मास्टर चाबी” है। बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने भी इन वर्गों के अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए राजनीतिक शक्ति को आवश्यक बताया था।


सुश्री मायावती ने शुक्रवार को जारी बयान में डॉ. अंबेडकर को करोड़ों दलितों और वंचित समाज के लोगों का मसीहा तथा भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी दूरदर्शिता, बुद्धिमत्ता और संघर्ष के बल पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न से पीड़ित समाजों के लिए अनेक संवैधानिक और कानूनी अधिकार सुनिश्चित कराए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि केवल अधिकार मिल जाने से उद्देश्य पूरा नहीं होता, बल्कि उनका प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब वंचित समाज के हाथों में राजनीतिक सत्ता हो।

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बसपा प्रमुख ने कहा कि इसी विचारधारा और मिशन को आगे बढ़ाते हुए कांशी राम ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की। उन्होंने राजनीतिक सत्ता को बहुजन समाज के सशक्तिकरण की “मास्टर चाबी” बताया था। उन्होने कहा कि बसपा का गठन दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी उसी मिशन और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध है।