पटना। राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार की नीतियों के कारण आने वाले समय में अपराध, महंगाई और बेरोजगारी की स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर भी सवाल उठाते हुए इसे दिखावटी और मिलावटी राजनीति करार दिया।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि आने वाले छह महीनों में बिहार में महंगाई, बेरोजगारी और अपराध चरम पर पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन गंभीर मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने डबल इंजन सरकार के दौरान बिहार के खजाने की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि राज्य का खजाना खाली है।
बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने सरकार पर खर्च को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्य में बाढ़ जैसी आपदा आती है, तब राहत और प्रभावित लोगों की मदद पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। उन्होंने बाढ़ के दौरान सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठाया।
राजद नेता ने सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल करते हुए कहा कि आखिर किस विकास की बात की जा रही है। उन्होंने सरकार पर फर्जीवाड़े के आरोप भी लगाए और कहा कि जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार वही करते हैं जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रपति पद से हट जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव हो सकती है, लेकिन ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं हो सकती। हालांकि, उनके इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और दिखावटी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बेरोजगारी, महंगाई, अपराध और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग की।







