कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में गुरुवार तड़के कथित तौर पर घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। TMC ने आरोप लगाया है कि कुछ उपद्रवियों ने कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, फर्नीचर तोड़ा और मोबाइल फोन छीन लिए। मामले में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है।
सुबह करीब 4:30 बजे हुई घटना
TMC के मुताबिक, घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। कथित तौर पर कार्यालय में घुसे लोगों ने वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं से मारपीट की और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। पार्टी का यह भी दावा है कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान, जिनमें एयर प्यूरीफायर, प्रिंटर और टीवी शामिल हैं, कार्यालय से ले जाए गए।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि हमलावरों को कार्यालय के अंदरूनी हिस्सों और उसके लेआउट की जानकारी थी। TMC ने इसे पूर्व नियोजित हमला बताते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
अभिषेक बनर्जी ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, जो फिलहाल दिल्ली में हैं, ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने घटना से जुड़े CCTV फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग भी की।
अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों ने फोन तथा ईमेल के जरिए पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन करीब दो घंटे तक कोई प्रभावी प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि कथित हमले की योजना किसने बनाई और इसे किसके निर्देश पर अंजाम दिया गया।
TMC ने BJP कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के पीछे भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि कथित हमलावरों को कार्यालय की संरचना और अलग-अलग हिस्सों की जानकारी होना इस बात की ओर इशारा करता है कि उन्हें अंदर की जानकारी थी।
हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस ने भी घटना को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
पहले भी विवादों में रहा है कैमक स्ट्रीट का कार्यालय
कैमक स्ट्रीट स्थित यह कार्यालय पिछले कुछ दिनों से लगातार विवादों में रहा है। पिछले सप्ताह कोलकाता नगर निगम के अधिकारी पुलिस के साथ यहां लगे TMC के एक बिलबोर्ड को हटाने पहुंचे थे। अधिकारियों का कहना था कि बिलबोर्ड कथित तौर पर अवैध तरीके से लगाया गया था और सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक स्थिति में लटका हुआ था।
बिलबोर्ड हटाने को लेकर TMC कार्यकर्ताओं और नगर निगम अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। इसके बाद नगर निगम अधिकारियों को काम करने से रोकने के आरोप भी सामने आए थे।
भवन की सुरक्षा व्यवस्था की भी हुई जांच
सोमवार को अग्निशमन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने उस इमारत का निरीक्षण किया था, जिसमें अभिषेक बनर्जी का कार्यालय स्थित है। अधिकारियों ने मंजूर बिल्डिंग प्लान के अनुरूप निर्माण और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की।
निरीक्षण के दौरान बाहरी शेड, बेसमेंट पार्किंग और वहां मौजूद फायर सेफ्टी इंतजामों को देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ कमियां सामने आई हैं और दस्तावेजों से मिलान के बाद आवश्यक नोटिस जारी किया जा सकता है।
फायर अलार्म सिस्टम के साथ-साथ आग लगने की स्थिति में निचली मंजिलों पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था की भी जांच की गई। अब ताजा तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस जांच पर सभी की नजर है।







