नयी दिल्ली: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कराए जाने का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। खरगे ने इस घटना को लेकर राज्यसभा में नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
खरगे ने दो सितंबर को नड्डा को लिखे पत्र को गुरुवार को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान या कांग्रेस अध्यक्ष के पद से जुड़ी भावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सामाजिक एकता, समानता और संवैधानिक मूल्यों से संबंधित है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी सभा के बाद रामलीला मैदान में गंगाजल और गोबर का इस्तेमाल कर मंत्रोच्चार के साथ ‘शुद्धिकरण’ कराया गया। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में 108 घड़ों में गंगाजल और गोबर डाला गया। खरगे ने इस कथित कार्रवाई को छुआछूत और जातिवादी मानसिकता से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि संविधान समानता और सम्मान का अधिकार देता है और किसी व्यक्ति की मौजूदगी के बाद किसी सार्वजनिक स्थल का इस तरह ‘शुद्धिकरण’ किया जाना इन मूल्यों के विपरीत है।
खरगे ने नड्डा से आग्रह किया कि राज्यसभा में दिए गए आश्वासन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देश दिया जाए कि घटना से जुड़े लोगों और संगठनों के खिलाफ कानून के तहत FIR दर्ज की जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि समाज में भेदभाव और विभाजन को बढ़ावा देने वाली मानसिकता पर रोक लगाई जा सके।







