मथुरा। भाजपा विधायक और हिमाचल प्रदेश के पार्टी प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शनों तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विदेशी ताकतों और कथित गलत आंकड़ों का सहारा लेकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, विपक्ष पर लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने बयान में विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए।
श्रीकांत शर्मा ने विपक्षी प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि कुछ लोग दिल्ली में हंगामा और अराजकता फैलाने के उद्देश्य से पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस को उकसाने की कोशिश की जा सकती है, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद विपक्ष खुद को पीड़ित के रूप में पेश कर सके।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देते हुए भाजपा विधायक ने मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हटाए गए नामों में मृत व्यक्तियों, दूसरे स्थानों पर जा चुके नागरिकों और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं के नाम शामिल थे। उन्होंने शेष नामों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची में कथित फर्जी और अवैध प्रविष्टियों को दोबारा शामिल कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक विरोध का हिस्सा बताया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से संबंधित स्थल को प्रदर्शन के लिए अधिसूचित नहीं रखा गया है। इस संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस शासनकाल के दौरान बोट क्लब को प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित किए जाने का भी उल्लेख किया और राहुल गांधी पर निशाना साधा।
कश्मीर और तिरंगा यात्रा के मुद्दे पर भी भाजपा विधायक ने विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि देश में अलगाववाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है तथा अवैध फंडिंग पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में श्रीकांत शर्मा ने अभिभावकों से बच्चों को राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान सावधानी बरतने की अपील की। उनका कहना था कि युवाओं को किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल होने से पहले उसके उद्देश्य और परिस्थितियों को समझना चाहिए।







