
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की आलोचना करते हुए उन पर रूस के साथ शांति समझौता करने में अनिच्छा दिखाने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को दी गई अरबों डॉलर की अमेरिकी सहायता और हथियारों का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की के साथ समझौता करना मुश्किल है। उनके मुताबिक, यूक्रेनी राष्ट्रपति बातचीत के जरिए समाधान निकालने की इच्छा जताते हैं, लेकिन उनके व्यवहार से ऐसा नहीं लगता कि वे वास्तव में समझौते के लिए तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि भविष्य में रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए होने वाली बातचीत में जेलेंस्की की भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं।
ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अपने संबंधों की तुलना करते हुए कहा कि उन्हें पुतिन के मुकाबले जेलेंस्की के साथ काम करना अधिक कठिन लगता है। उनके इस बयान से रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के बीच मतभेद एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिकी पक्ष की ओर से आग्रह किए जाने के बावजूद हमले जारी हैं। ट्रंप के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव पैदा हो सकता है। उन्होंने इन हमलों को अनुचित बताते हुए जेलेंस्की के फैसलों पर सवाल उठाए।
ट्रंप ने यूक्रेन को दी गई अमेरिकी सैन्य सहायता के प्रबंधन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडेन प्रशासन के दौरान यूक्रेन को उपलब्ध कराए गए कुछ हथियार खुले बाजार में बेचे जा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने इस बयान में कोई विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
ट्रंप की टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान अंतरराष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। उनके बयानों से युद्ध समाप्त करने की रणनीति, यूक्रेन को अमेरिकी सहायता और रूस के साथ संभावित बातचीत को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।






