रेजीनगर। पश्चिम बंगाल के रेजीनगर में मतदान के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। मतदान के दौरान पुलिस की आलोचना करने वाले कबीर की बाद में अपने पार्टी कार्यालय में पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हुई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, कबीर सुबह मतदान के लिए घर से निकलने के बाद से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर सुबह से ही पुलिसकर्मी तैनात थे। मतदान केंद्र पहुंचने के बाद भी उन्होंने पुलिस पर कथित हस्तक्षेप को लेकर नाराजगी जताई।
मतदान के लिए कतार में खड़े कबीर ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। मतदान करने के बाद उन्होंने मतदान केंद्र के बाहर भी पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्थानीय लोगों से मतदान प्रक्रिया के दौरान पुलिस की कथित दखलंदाजी को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
इसके बाद कबीर रेजीनगर स्थित अपनी पार्टी के कार्यालय पहुंचे। उनके वहां पहुंचने के कुछ ही समय बाद पुलिसकर्मी भी पार्टी कार्यालय पहुंच गए। यहां कबीर और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इस दौरान कबीर को पुलिस अधिकारियों से तीखे शब्दों में बात करते हुए सुना गया।
बहस धीरे-धीरे हाथापाई में बदल गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कबीर को पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाया और उन्हें थाने ले गए। घटना के दौरान पार्टी कार्यालय के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इससे पहले कबीर ने पुलिस पर उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके 64 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या चुनाव के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
कबीर ने अपने समर्थकों से पुलिस की कथित कार्रवाई का विरोध करने की अपील भी की थी। उनके बयान के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके कुछ ही समय बाद पार्टी कार्यालय में पुलिस के साथ उनका टकराव हुआ और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
घटना के बाद रेजीनगर में मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।







