तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार राज्य की करीब 600 किलोमीटर लंबी तटरेखा को एक बड़े पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने कहा कि तटीय क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ विझिनजम और राज्य के अन्य बंदरगाहों पर स्थानीय मछुआरा परिवारों के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने पर भी सरकार का जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तटीय समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार कई स्तरों पर योजनाएं लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इनमें रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ मछुआरा परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के प्रयास शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बेघर मछुआरा परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विशेष आवास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के साथ उनकी आजीविका को मजबूत करना है। इसके अलावा तटीय समुदायों से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री तिरुवनंतपुरम के जिमी जॉर्ज इंडोर स्टेडियम में मत्स्य विभाग के तहत ‘सोसाइटी फॉर असिस्टेंस टू फिशरवुमन’ (एसएएफ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम राज्य सरकार के 100 दिवसीय कार्य कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला मछली विक्रेताओं को इलेक्ट्रिक स्कूटर वितरित करने की शुरुआत की। साथ ही महिला मछुआरा उद्यमियों की एक बैठक का भी उद्घाटन किया गया। सरकार की ओर से इन पहलों को महिला मछुआरों की आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
सतीसन ने कहा कि सरकार महिला मछुआरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका लक्ष्य है कि महिलाएं स्वतंत्र रूप से आय अर्जित कर सकें और अपने परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
उन्होंने कहा कि महिला मछुआरों की आजीविका को बेहतर बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं। तटीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने और मछुआरा समुदाय के जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार आगे भी योजनाबद्ध तरीके से काम करेगी।







