गुवाहाटी। असम में चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के बीच कथित गुप्त तालमेल का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर भी निशाना साधा।
कोलमौबाड़ी में कांग्रेस उम्मीदवार शिवमणि बोरा के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शर्मा राजनीतिक मुश्किलों के दौरान अजमल का सहारा लेते हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच कथित राजनीतिक समीकरणों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा एआईयूडीएफ को दोबारा मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
गोगोई ने 2024 के लोकसभा चुनाव में धुबरी सीट पर बदरुद्दीन अजमल की हार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अजमल को वहां करीब 10 लाख मतों से पराजय का सामना करना पड़ा था। उन्होंने 2016 में दक्षिण सलमारा विधानसभा सीट पर कांग्रेस नेता वाजेद अली चौधरी के हाथों अजमल की हार का भी जिक्र किया।
कांग्रेस नेता ने अजमल के उपचुनाव लड़ने के संदर्भ में भाजपा पर एआईयूडीएफ को राजनीतिक रूप से मजबूत करने का आरोप लगाया। हालांकि, भाजपा और एआईयूडीएफ के बीच कथित गुप्त तालमेल को लेकर उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
गोगोई ने भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जिला आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान शर्मा ने निर्दोष लोगों को अवैध रूप से बांग्लादेश भेजा और बेदखली अभियानों के जरिए लोगों को परेशान किया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की आलोचना करते हुए गोगोई ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत तरुण गोगोई के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में 15 वर्षों तक शांति और सद्भाव बनाए रखने के प्रयास किए गए।
सभा के अंत में गौरव गोगोई ने मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवार शिवमणि बोरा के समर्थन की अपील की। उन्होंने बोरा को साहसी और समर्पित नेता बताते हुए उनके पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया।







