श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वांछित आतंकवादी सुलेमान शाह उर्फ ‘मूसा’ को मार गिराया। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कोराग (यूसमर्ग) के ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था।
भारतीय सेना की चिनार कोर और राष्ट्रीय राइफल्स ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। सेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि तलाशी अभियान के दौरान सतर्क जवानों ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखीं। सुरक्षा बलों ने जब संदिग्ध आतंकवादियों को चुनौती दी, तो उनकी ओर से गोलीबारी शुरू कर दी गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, सुलेमान शाह उर्फ मूसा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में था। उस पर पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई आतंकवादी हमलों में शामिल होने का संदेह था। वह क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय बताया जा रहा था।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मूसा इससे पहले यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ के दौरान बच निकलने में सफल रहा था। उस अभियान में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था। इसके बाद से ही सुरक्षा बल बडगाम के पहाड़ी और जंगलों से घिरे इलाकों में उसकी तलाश कर रहे थे।
मूसा के मारे जाने को मध्य और दक्षिण कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है। सुरक्षा अधिकारियों और विश्लेषकों के अनुसार, उसकी गतिविधियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई थीं।
हालांकि, अभियान के दौरान अन्य संदिग्धों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का पता लगाया जा सके।







