सासाराम में SIR के खिलाफ भाकपा-माले का प्रदर्शन, वोट कटौती पर उठाए सवाल
CPI(ML) protests against SIR in Sasaram; raises questions over vote deduction.

सासाराम। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सासाराम में भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

मीडिया से बातचीत में काराकाट विधायक अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को लेकर पार्टी की ओर से चुनाव आयोग के अधिकारियों को कई पत्र भेजे गए हैं और इसमें सुधार की मांग की गई है।

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विधायक ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं और अन्य लोगों की हिरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग भी उठाई। इसके साथ ही उन्होंने SIR के बाद बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की।

भाकपा-माले नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ा मामला किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित है। पार्टी ने SIR के दौरान नामों के सत्यापन और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बिहार में SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नामों को हटाना बताया था। आयोग के अनुसार प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का प्रावधान भी रखा गया था।

फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। भाकपा-माले ने इस मुद्दे पर अपना विरोध आगे भी जारी रखने की बात कही है।