Owaisi's attack on Bihar elections: Politics heats up with 'Namak Haram' remark against BJP

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक विवादित बयान के बाद सियासत में ‘नमक हराम’ शब्द की एंट्री हो गई है, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। इस बयान को लेकर हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने BJP पर जोरदार हमला बोला है। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने एनडीए के मंत्री को घेरते हुए कहा- ‘एनडीए के एक मंत्री कहते हैं कि मुसलमान जो वोट नहीं देते, वे नमक हराम हैं।

पैसे उनकी जेब से जा रहे हैं? अरे, ये सरकार का पैसा है, किसी बाप का नहीं! ये टैक्सपेयर्स का पैसा है, जो हर नागरिक का हक है।’ ओवैसी ने तीखे लहजे में पूछा कि ‘क्या हिंदू वोटर जो बीजेपी को वोट नहीं देते, वे भी नमक हराम हैं?’विवाद की जड़ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का वह बयान है, जो उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान अरवल की एक रैली में दिया था। गिरिराज सिंह ने एक मौलवी से कथित बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि ‘मौलवी साहब ने आयुष्मान कार्ड लिया, लेकिन वोट BJP को नहीं दिया।’

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उन्होंने आगे कहा था कि ‘केंद्र की योजनाओं का लाभ मुसलमान लेते हैं, लेकिन वोट नहीं देते हैं। ऐसे लोग ‘नमक हराम’ हैं। हमें ऐसे वोट नहीं चाहिए।’ गिरिराज सिंह ने दावा किया था कि NDA ने बिहार में सबके लिए सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर बनवाया है, जबकि विपक्ष NDA को मुस्लिम विरोधी बताता है। गिरिराज सिंह के बयान पर सांसद पप्पू यादव ने भी तंज कसते हुए कहा कि ‘आजादी की लड़ाई में ब्रिटिश समर्थक कौन थे? असली नमक हराम तो वे लोग ही थे।’ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में पहले से ही धर्म और जाति की राजनीति का असर गहराई तक है, और अब ‘नमक हराम’ बयान ने बहस को और तीखा कर दिया है।