लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं ‘भारत रत्न’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर सोमवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि रक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत को नई वैश्विक पहचान दिलाने तथा देश को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने में उनका योगदान अद्वितीय और अविस्मरणीय है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में कहा कि ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात डॉ. कलाम की दूरदर्शी सोच, सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। योगी ने कहा कि डॉ. कलाम ने अपने वैज्ञानिक नेतृत्व और दूरदर्शी दृष्टिकोण से भारत की रक्षा और अंतरिक्ष क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके प्रयासों ने देश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही भारत को एक सशक्त परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होने कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, वैज्ञानिक सोच, सादगी और कर्मनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श, विचार और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी तथा विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।
गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का 27 जुलाई 2015 को मेघालय के शिलांग स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में व्याख्यान के दौरान निधन हो गया था। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।







