
नयी दिल्ली: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने हाल में जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, वे मुद्दे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ का हिस्सा पहले से ही थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान सीजेपी के प्रदर्शन जितना असर नहीं छोड़ सका।
शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा, जंतर-मंतर पर सीजेपी ने जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें हम पहले ही उठा चुके थे। हमारे पास ‘छात्रों की गूंज’ अभियान था, जिसमें (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष) राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के बारे में बात कर रहे थे।
थरूर कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान को सीजेपी के प्रदर्शन जितना लोगों का समर्थन न मिलने की बात से सहमत हुए। उन्होंने कहा, हमें खुद से पूछना चाहिए कि हमसे कहां गलती हुई? क्या हम छात्रों की बात सुनने में नाकाम रहे? क्या हम जेन जी की नब्ज समझ नहीं पाए?
सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के नाम से चर्चित हुआ। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, तो प्रदर्शन और तेज हुआ। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी उनके साथ जुड़ गए।
बाद में कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। लेकिन तय मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वहां पैलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल किया गया था।
पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वालों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई भी शामिल था। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शुरुआती प्रदर्शनों में से एक के तहत नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ था, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट परीक्षा रद्द कर दी थी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था। इसके बाद यह अभियान देहरादून पहुंचा। वहां राहुल गांधी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की।
तीन शहरों में किए गए इस अभियान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने इससे पहले कहा था, कोटा में हमने छात्रों के सपनों से फायदा उठाने वाली जबरन वसूली की व्यवस्था को उजागर किया। देहरादून में हमने पेपर लीक के पीछे की उस गड़बड़ी वाली व्यवस्था को उजागर किया, जिसने अनगिनत जिंदगियां बर्बाद कीं। प्रयागराज में हम रोजगार संकट की सच्चाई को उजागर करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा था, हमारे देश के छात्र इस दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वे अब खोखले वादों और नफरत से भरे प्रचार को स्वीकार नहीं करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आवाज पूरे देश में सुनी जाए।






