
इटली: कहते हैं कि किस्मत अच्छी हो तो इंसान को बिना ज्यादा मेहनत किए सब कुछ आसानी से मिल जाता है। हालांकि, हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इस धारणा को तोड़ता है। हुआ कुछ यूं कि एक शख्स की किस्मत ने उसे लॉटरी में 11 करोड़ का इनाम दिलाना लिखा था। हालांकि, इससे पहले कि लॉटरी का इनाम उस शख्स को मिलता, उसने टिकट ही कूड़े में फेंक दिया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी दिलचस्प घटनाक्रम से कम नहीं है।
यह मामला इटली के बिटोन्टो का है। यहां एक शख्स (नाम का खुलासा नहीं हुआ) बीते कई वर्षों से एक ही नंबर सेट के लॉटरी टिकट खरीद रहा था। हालांकि, उसे कोई खास सफलता नहीं मिली। इटली की न्यूज एजेंसी- एन्सा (Ansa) के मुताबिक, हाल ही में जब उस शख्स ने एक और लॉटरी टिकट खरीदा और इनाम के लिए अपने टिकट की जांच की तो मशीन से जवाब मिला कि उसके लॉटरी टिकट का भुगतान नहीं हो सकता। इसके बाद उसने बिटोन्टो में ही लॉटरी टिकट की दुकान में इस टिकट को कूड़ेदान में डाल दिया और वहां से रवाना हो गया।
हालांकि, कुछ समय बाद ही जब वह घर पहुंचा तो उसके परिवार ने बताया कि इस बार उसकी किस्मत खुल गई है और उसका पसंदीदा नंबर सेट 2, 4, 8, 10 और 51 लकी ड्रॉ में आया है। इस टिकट पर 10 लाख यूरो (एक मिलियन यूरो) यानी करीब 11 करोड़ रुपये का इनाम है।
लॉटरी जीतने और उसका टिकट फेंकने वाले शख्स ने बताया कि आमतौर पर जब किसी टिकट में बड़ा इनाम निकलता है तो छोटी दुकानों में मशीनें अकसर इसे भुगतान योग्य नहीं बताती हैं, क्योंकि उनके पास इतनी बड़ी राशि भुगतान के लिए नहीं होती। मशीन से इसी ‘भुगतान योग्य नहीं’ वाला मैसेज मिलने की गलतफहमी की वजह से उसने अपना लॉटरी टिकट कूड़े में फेंक दिया था।
इसके बाद जो हुआ, वो किसी चमत्कार से कम नहीं था। लॉटरी टिकट फेंकने वाले शख्स ने बताया कि जब उसे टिकट पर 10 लाख यूरो के इनाम की बात पता चली तो वह पूरे परिवार के साथ तुरंत दुकान में पहुंचा। हालांकि, दुकान का पूरा कूड़ा कूड़े वाली गाड़ी से इकट्ठा किया जा चुका था।
इसके बाद शख्स ने कूड़ा इकट्ठा करने वाली कंपनी- एसएएनबी से संपर्क किया और दुकान से बाहर गए कूड़े का पता लगाने में मदद मांगी। एसएएनबी के निदेशक टोस्कानो के मुताबिक, उन्हें तुरंत उस कूड़ा गाड़ी की लोकेशन बताई गई जिसने दुकान से कूड़ा इकट्ठा किया था। किस्मत की बात थी कि उस दिन रविवार था, वर्ना आम दिनों में यह कूड़ा काफी ज्यादा होता है और इसे लैंडफिल साइट पर पहुंचा दिया जाता है।
बताया गया कि कूड़े वाले ट्रक से संपर्क होने के बाद इसे एक खास साइट पर पहुंचाया गया जहां लॉटरी टिकट की खोज शुरू हुई। कूड़े के पूरे ट्रक में टिकट ढूंढना भूसे के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था, हालांकि आखिरकार दो दिन की खोज के बाद मंगलवार सुबह एक सफाई कर्मी ने लॉटरी टिकट ढूंढ निकाला। यह एक छेद वाले बैग में था, जिसमें कई और खराब टिकट भी पड़े थे। इस टिकट के मिलने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
कूड़ा बीनने के लिए लगाई गई कंपनी के निदेशक के मुताबिक, इस पूरे अभियान में जो मेहनत और व्यवस्था लगी, उसकी रिकवरी लॉटरी जीतने वाले शख्स से ही की जाएगी। यहां तक कि उस व्यक्ति से उससे जुड़ा दस्तावेज भी साइन कराया गया।






