नयी दिल्ली: पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है। मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि भारत के सभी पेट्रोल पंपों और खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी उपलब्ध है, और कहीं भी किसी तरह की कमी नहीं है।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों और दुष्प्रचार से प्रभावित होकर घबराहट में खरीदारी न करें। अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें केवल पैनिक बाइंग का परिणाम हैं, न कि वास्तविक कमी का संकेत। स्थिति को संभालने के लिए तेल कंपनियों के डिपो लगातार काम कर रहे हैं और रात भर स्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
भारत की ऊर्जा स्थिति को मजबूत बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि देश विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। इस कारण घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है। वर्तमान में देशभर में एक लाख से अधिक ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से कार्यरत हैं और किसी भी प्रकार की राशनिंग लागू नहीं की गई है।
वैश्विक आपूर्ति में संभावित व्यवधान, खासकर Strait of Hormuz को लेकर भी मंत्रालय ने चिंता दूर की है। भारत फिलहाल 41 से अधिक देशों से कच्चे तेल का आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति पर किसी एक क्षेत्र की निर्भरता कम हो गई है। रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और अगले 60 दिनों के लिए पर्याप्त भंडार पहले ही सुनिश्चित कर लिया गया है।
सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को अफवाहों से बचते हुए सामान्य रूप से ईंधन खरीदना चाहिए।







