नयी दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन इसी बीच इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की आर्थिक और व्यापार नीतियों पर तीखा हमला बोला है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष घटा है, जबकि चीन के साथ व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार, वर्ष 2025-26 में अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष 40.1 अरब डॉलर था। वहीं चीन के साथ व्यापार घाटा 99.2 अरब डॉलर से बढ़कर 112.2 अरब डॉलर पहुंच गया है। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने सरकार की रणनीति पर सवाल उठाते हुए ‘मोदीनॉमिक्स’ को कटाक्ष का विषय बनाया।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार अमेरिका को खुश करने की नीति अपना रही है, जबकि चीन के साथ व्यापारिक असंतुलन बढ़ता जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इस समझौते को आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता लगभग तैयार है और इसे ऐतिहासिक करार दिया जा रहा है। इस समझौते के जरिए भारतीय बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए अधिक खुल सकता है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के बीच अहम बैठक भी हुई, जिसमें समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह व्यापार समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना लाभकारी साबित होता है और क्या यह विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे पाएगा।







