नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय कला एवं संस्कृति जगत के लिए “अपूरणीय क्षति” बताया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके योगदान को भी याद किया। श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलायी। उनका निधन कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।”
उन्होंने कहा, “दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति!” सुश्री तीजन बाई को देश की महान लोक कलाकारों में गिना जाता था। उन्होंने महाभारत की कथाओं पर आधारित पारंपरिक पंडवानी गायन शैली को देश-विदेश में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति, सशक्त कथावाचन और मंच संचालन शैली के कारण उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली।
छत्तीसगढ़ में जन्मी सुश्री तीजन बाई ने सामाजिक और परंपरागत बाधाओं को पार करते हुए पंडवानी परंपरा की अग्रणी कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनायी। कई दशकों के अपने लंबे कलात्मक जीवन में उन्होंने देश और विदेश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुतियां दीं और भारत की समृद्ध लोक परंपरा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारतीय कला और संस्कृति में उनके योगदान के लिए उन्हें देश के कई सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया। उनके निधन के साथ पंडवानी की एक अहम परंपरा का महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। उनकी सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।







