प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद से जुड़ी कुर्क संपत्तियों की पहचान स्पष्ट करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने प्रयागराज के भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर में कार्रवाई की। कैंट और एयरपोर्ट थाने की पुलिस ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर संबंधित जमीनों का चिन्हांकन कराया और वहां नोटिस बोर्ड लगवाए।
गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले ही हो चुकी है कुर्की
पुलिस के अनुसार, संबंधित जमीनों को गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले ही कुर्क किया जा चुका है। अब संपत्तियों की पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने के उद्देश्य से मौके पर नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त न्यायालय, प्रयागराज के आदेश के अनुपालन में की गई है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, सरकार बनाम अतीक अहमद (मृतक), विधिक प्रतिनिधि एवं प्रभावित व्यक्ति मदनलाल भारतीय से जुड़े मामले में आदेश पारित किया गया था। इसके बाद संबंधित संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
14 आराजी नंबरों की जमीन कार्रवाई के दायरे में
पुलिस के विवरण के अनुसार, परगना एवं तहसील सदर के भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर क्षेत्र में 14 आराजी नंबरों से संबंधित जमीनें कार्रवाई के दायरे में हैं। इनमें आराजी संख्या 592, 133, 594 और 591 में दर्ज जमीनों के कुल रकबे के बजाय केवल एक-छठे हिस्से को कुर्क किया गया है।
पुलिस का आरोप है कि अतीक अहमद ने आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन का इस्तेमाल कर इन जमीनों को खरीदा था। आरोप यह भी है कि जमीनों की वास्तविक कीमत कम दर्शाकर उनकी रजिस्ट्री अनुसूचित समाज के व्यक्ति मदनलाल भारतीय के नाम कराई गई थी। पुलिस इन संपत्तियों को अतीक अहमद की कथित बेनामी संपत्ति मानती है।
संपत्तियों की पहचान स्पष्ट करने पर जोर
डीसीपी सिटी सागर जैन के मुताबिक, अपराध से अर्जित धन से संपत्ति खरीदने और उसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज कराने के मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि संबंधित जमीनें पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं। मौके पर चिन्हांकन और नोटिस बोर्ड लगाने की कार्रवाई इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य कुर्क संपत्तियों की स्थिति स्पष्ट करना और संबंधित जमीनों की पहचान सुनिश्चित करना है।







