जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पंजाब के जालंधर जिले में एक दिन के लिए नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यह आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार, 30 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक जालंधर जिले की सीमा में किसी भी प्रकार के सिविल रिमोट पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस), ड्रोन, हेलीकॉप्टर या अन्य विमान के उड़ान भरने पर रोक रहेगी। प्रशासन ने यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री के वीवीआईपी दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध केंद्रीय गृह मंत्री के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर या विमान पर लागू नहीं होगा। यानी निर्धारित अवधि के दौरान गृह मंत्री के आधिकारिक हवाई आवागमन को इस आदेश से बाहर रखा गया है।
प्रशासन ने जिले की सीमा में उड़ान संबंधी गतिविधियों पर रोक की अवधि भी स्पष्ट की है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान संबंधित अनुमति के बिना ड्रोन, आरपीएएस या अन्य विमान उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश का उद्देश्य वीवीआईपी दौरे के दौरान हवाई क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियों को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की ओर से दौरे को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
नो फ्लाइंग जोन लागू होने के कारण आम नागरिकों, ड्रोन संचालकों और अन्य संबंधित लोगों को निर्धारित समय के दौरान जालंधर जिले की सीमा में उड़ान गतिविधियों से बचना होगा। प्रशासन ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।







