
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के नासिक में स्थित आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) की एक BPO यूनिट इन दिनों गंभीर आपराधिक आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। इस मामले ने कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है और कार्यस्थल की सुरक्षा तथा धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, 18 से 25 वर्ष की आयु के पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर अब तक नौ FIR दर्ज की जा चुकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया है, जिसने अब तक कम से कम 12 कथित पीड़ितों की पहचान की है।
जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला सबसे पहले एक महिला कर्मचारी की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच कंपनी में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न और आपत्तिजनक व्यवहार किया। आरोप है कि कुछ आरोपियों ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ कर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई।
महिला कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि एक आरोपी ने उससे शादी का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जबकि दूसरे आरोपी ने ऑफिस और लॉबी के अंदर उसे जबरन पकड़कर शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश की। इसके अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों पर भी महिला को घूरने, अनुचित तरीके से छूने और उसके निजी व वैवाहिक जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियाँ करने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इन घटनाओं की जानकारी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार दी, लेकिन उसकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अब डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य संभावित संपर्कों की भी जाँच कर रही है।
फिलहाल SIT पूरे मामले की गहन जाँच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों पर समय पर कार्रवाई की आवश्यकता को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।






