मुंबई। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एक आवासीय इलाके में पटाखों के बड़े स्टॉक में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी चपेट में आसपास के पांच घर भी आ गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
बताया गया कि आवासीय क्षेत्र में पटाखों का भारी स्टॉक रखा हुआ था। देर रात अचानक इसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के लिए स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान नगर परिषद के तीन कर्मचारी भी झुलस गए।
घटना में घायल सभी लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। इनमें दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए नांदेड़ भेजा गया है। अन्य घायलों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया जा रहा है। हादसे के कारण आवासीय इलाके में काफी देर तक तनाव और भय का माहौल बना रहा।
घटना ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों और ज्वलनशील सामग्री के भंडारण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासीय बस्ती में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक रखा जाना लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। आग के तेजी से फैलने के कारण आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि कहीं भी पटाखे या अन्य ज्वलनशील अथवा विस्फोटक सामग्री अवैध रूप से जमा की गई है, तो उसे तत्काल जब्त किया जाना चाहिए। साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और पटाखों के भंडारण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। हादसे के बाद आवासीय क्षेत्रों में पटाखों के भंडारण की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।







