तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा का दूसरा सत्र शुरू हो गया है। राज्य के बदलते राजनीतिक माहौल के बीच इस सत्र में विधायी कामकाज, सरकारी विधेयकों और वित्तीय मामलों पर चर्चा होगी। सत्र के दौरान कुल नौ बैठकें निर्धारित की गई हैं। सरकार और विपक्ष के सदस्य राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सदन में उठा सकते हैं।
विधानसभा की कार्यवाही में सरकारी कामकाज के लिए सात दिन निर्धारित किए गए हैं, जबकि एक दिन गैर-सरकारी सदस्यों के कामकाज के लिए रखा गया है। इसके अलावा, एक बैठक में अनुदान की अतिरिक्त मांगों पर चर्चा और मतदान किया जाएगा। सदन की कार्यवाही का प्रमुख फोकस विधेयकों पर विचार और अन्य सरकारी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
दो महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश
सत्र के शुरुआती दिन दो विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें केरल कोर्ट फीस और सूट वैल्यूएशन (संशोधन) विधेयक तथा मद्रास हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। सदन इन विधेयकों को संबंधित विषय समितियों के पास भेजने के प्रस्तावों पर भी विचार करेगा, ताकि आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सत्र के शेष दिनों के एजेंडे को अंतिम रूप देने के लिए बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी आयोजित की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन के अनुसार, अनुदान की अतिरिक्त मांगों से संबंधित विनियोग प्रस्तावों पर भी सदन में विचार किया जाएगा।
विधानसभा की प्लेटिनम जुबली की तैयारी
यह सत्र केरल विधानसभा की 75वीं वर्षगांठ यानी प्लेटिनम जुबली की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। वर्षगांठ समारोहों की शुरुआत केरल स्थापना दिवस के अवसर पर की जाएगी। इसके तहत विधानसभा के पूर्व अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, विधायकों, पूर्व सचिवों और कर्मचारियों के लिए एक मिलन समारोह आयोजित करने की योजना है।
इसके अलावा, केरल विधानसभा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तहत पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों के लिए विभिन्न समितियां गठित की जा चुकी हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि विधायकों के लिए पंपा ब्लॉक में बनाए गए फ्लैटों की चाबियां एक समारोह में सौंपी जाएंगी। कुल मिलाकर, यह सत्र विधायी कार्यों के साथ-साथ विधानसभा की ऐतिहासिक वर्षगांठ की तैयारियों के लिए भी अहम माना जा रहा है।







