विशाखापत्तनम: भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने और आपदा के समय संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ-2026’ शुरू हो गया है। इस पांचवें संस्करण में दोनों देशों की सेनाएं मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों की रणनीति पर मिलकर काम कर रही हैं। इस बार के अभ्यास की सबसे खास बात यह है कि पहली बार भारत के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी इसमें शामिल हुई है।
विशाखापत्तनम स्थित मैरीटाइम वारफेयर सेंटर में इस अभ्यास का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई और अमेरिकी प्रशांत बेड़े के उप कमांडर रियर एडमिरल जोकिन जे मार्टिनेज डी पिनिलोस ने की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार अभ्यास को वास्तविक सैन्य गतिविधियों के बजाय टेबलटॉप एक्सरसाइज के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसमें आपदा की विभिन्न संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त योजना, रणनीति और अभियान के संचालन पर चर्चा की जा रही है।
अभ्यास में भारतीय नौसेना, थल सेना और वायु सेना के जवानों के साथ तीनों सेनाओं के विशेष बलों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, अमेरिकी दल में वहां की सेना, वायु सेना, नौसेना और मरीन कोर के अधिकारियों एवं जवानों के अलावा अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, चिकित्सा और विस्फोटक सामग्री निष्क्रिय करने के विशेषज्ञ शामिल हैं।
इस संयुक्त अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य बड़े पैमाने पर प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इसके तहत मानवीय सहायता पहुंचाने, राहत एवं बचाव कार्यों की योजना बनाने और विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘टाइगर ट्रायम्फ’ जैसे अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों की तैयारियों को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।







