दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू, पुराने वाहनों पर प्रतिबंध
GRAP-3 implemented in Delhi-NCR; ban on older vehicles

नयी दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं। इसके तहत पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के साथ स्कूलों के लिए हाइब्रिड मोड में पढ़ाई अनिवार्य की गई है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि ग्रैप-3 लागू होने के बाद दिल्ली में बीएस-4 और उससे नीचे के मानक वाले डीजल वाहनों तथा बीएस-3 और उससे नीचे के मानक वाले पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। यह पाबंदी दिल्ली में पंजीकृत वाहनों के साथ दूसरे राज्यों से आने वाले संबंधित वाहनों पर भी लागू होगी।

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इसके अलावा बीएस-4 या उससे नीचे के उत्सर्जन मानक वाले डीजल चालित भारी वाहनों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) के संचालन पर भी रोक लगाई गई है। ये प्रतिबंध केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में भी प्रभावी होंगे।

पर्यावरण मंत्री के अनुसार, पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड में संचालित करना होगा। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन पढ़ाई में से अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा।

मंत्री ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति प्रदूषण के लिहाज से और प्रतिकूल हो सकती है। हवा की गति लगभग शून्य के करीब पहुंचने की आशंका है। ऐसी स्थिति में वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्वों का फैलाव कम हो जाएगा और वे लंबे समय तक जमा रह सकते हैं। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों से ग्रैप-3 के तहत लागू प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये पाबंदियां तीसरे चरण के प्रभावी रहने तक लागू रहेंगी। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।