
पौड़ी: उत्तराखंड के जनपद पौड़ी में अब कोई भी पात्र नागरिक सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान मोड में कार्य शुरू कर दिया है। शनिवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजनाओं के लिए आवेदन आने का इंतजार करने के बजाय स्वयं पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए। समाज कल्याण विभाग एवं संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पेंशन, छात्रवृत्ति, विवाह अनुदान, अटल आवास योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने और उसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा। पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा नए आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर अनुमोदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, एडीओ समाज कल्याण, राजस्व उपनिरीक्षकों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को ग्राम पंचायतवार विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और उनके आवेदन भरवाने के निर्देश दिए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पात्र लाभार्थियों एवं योजनाओं से लाभान्वित लोगों का विस्तृत विवरण 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने को कहा गया।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विवाह अनुदान तथा अटल आवास योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन योजनाओं में भी आवेदन की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। पात्र परिवारों तक स्वयं पहुंचकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई जाए ताकि उन्हें समय पर लाभ मिल सके। दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं की समीक्षा में उन्होंने सहायक उपकरण वितरण के लिए व्यापक सर्वे कराने तथा सीधे आवेदन करने वाले पात्र दिव्यांगजनों को भी नियमानुसार तत्काल लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कक्षा 9 से 12 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 15 दिनों में अधिकतम आवेदन भरवाने, तहसीलवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा शिक्षा, समाज कल्याण और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। साथ ही मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजना के तहत 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता से योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
आय प्रमाण-पत्र से संबंधित समस्याओं पर जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को आय प्रमाण-पत्र बनवाने में कठिनाई आती है तो उसे नियमानुसार वैकल्पिक पात्रता वाली योजनाओं के माध्यम से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्रता होने के बावजूद कोई भी नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।






