दिल्ली की हवा फिर जहरीली, AQI 368 के पार
Delhi's air turns toxic again; AQI crosses 368

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। गुरुवार को लगातार चौथे दिन दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह से ही राजधानी के आसमान में घना धुंध छाया रहा, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 7:05 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 368 दर्ज किया गया। इससे पहले बुधवार को 24 घंटे का औसत AQI 377, मंगलवार को 350 और सोमवार को 324 रहा था।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 18 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई, जबकि 36 केंद्रों पर बहुत खराब और पांच केंद्रों पर खराब श्रेणी दर्ज की गई। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 459 AQI रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद आईआईटी दिल्ली में 447 और पंजाबी बाग में 446 का स्तर दर्ज हुआ। वहीं, ओखला फेज-2, बुराड़ी क्रॉसिंग, आईटीओ, द्वारका सेक्टर-8 और मंदिर मार्ग समेत कई इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के करीब बना रहा।

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CPCB के निर्धारित मानकों के मुताबिक, 301 से 400 के बीच AQI को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। सुबह के आंकड़ों में दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 53 पर PM2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा, जबकि छह केंद्रों पर PM10 का स्तर अधिक दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि राजधानी की हवा में बारीक प्रदूषक कणों का प्रभाव लगातार बना हुआ है।

इस बीच, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं भी प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं। नासा के उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर से नवंबर की शुरुआत तक दोनों राज्यों में पराली जलाने की 2,251 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पंजाब की 2,025 और हरियाणा की 226 घटनाएं शामिल हैं। इनमें से 246 घटनाएं एक ही दिन दर्ज की गईं।

हालांकि, पिछले वर्ष इसी अवधि में 2,579 घटनाएं दर्ज हुई थीं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार उपग्रहों द्वारा आग की घटनाओं का पता लगाने के समय में बदलाव के कारण इन आंकड़ों की तुलना सावधानी से करनी चाहिए। फिलहाल दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।