Deepak Baij attacks the Centre on ethanol policy, says E20 has increased the burden on drivers and common people

रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति और E20 पेट्रोल को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गन्ने से एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने की नीति का असर शक्कर और उससे जुड़े खाद्य उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है। साथ ही, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहन चालकों को माइलेज और इंजन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैज ने कहा कि केंद्र सरकार ने गन्ने की उपलब्धता और उसकी विभिन्न जरूरतों का पर्याप्त आकलन किए बिना एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिया। उनके मुताबिक, इससे शक्कर और गुड़ के उत्पादन के लिए उपलब्ध गन्ने पर असर पड़ा और बाजार में शक्कर तथा उससे बनने वाले उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

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कांग्रेस नेता ने E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इसके व्यावहारिक प्रभावों का पर्याप्त परीक्षण किए बिना इसे बढ़ावा दिया गया। बैज के अनुसार, कुछ वाहन मालिकों ने माइलेज कम होने और इंजन संबंधी समस्याओं की शिकायत की है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण बढ़ाया गया है तो उपभोक्ताओं को पेट्रोल की कीमत में राहत क्यों नहीं दी जा रही। बैज ने कहा कि महंगाई के दौर में पेट्रोल, शक्कर, मिठाई और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर भी निशाना साधते हुए सरकार पर उपभोक्ताओं की चिंताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

दीपक बैज ने मांग की कि E20 पेट्रोल को अनिवार्य करने के बजाय उपभोक्ताओं को विकल्प दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि पुराने और E20 के लिए अनुकूल नहीं होने वाले वाहनों के मालिक अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें।