
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक के बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी अब केवल युवाओं की व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि CJP आने वाले समय में बेरोजगारी के मुद्दे को देशव्यापी जनआंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी। उनका कहना है कि युवाओं को रोजगार के सवाल पर संगठित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अभिजीत दिपके ने कहा कि हाल ही में जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि रोजगार का मुद्दा केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने भी भाग लिया, जिससे यह साबित हुआ कि रोजगार की समस्या समाज के हर वर्ग के युवाओं को प्रभावित कर रही है। उन्होंने इसे युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक आवाज का मजबूत उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि सीजेपी का उद्देश्य बेरोजगारी के सवाल को हर राज्य और हर जिले तक पहुंचाना है। इसके लिए संगठन विभिन्न स्थानों पर बैठकें, जनसंवाद, युवा सम्मेलन और जनजागरण अभियान आयोजित करेगा। उनका मानना है कि जब तक रोजगार के मुद्दे पर व्यापक जनदबाव नहीं बनेगा, तब तक प्रभावी समाधान निकलना कठिन होगा।
अभिजीत दिपके ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों और रोजगार के मुद्दे पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट हों। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि युवा संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे, तो बेरोजगारी का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र में आएगा और नीति निर्माण में भी इसे गंभीरता से लिया जाएगा।






