बेंगलुरु: देश की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और प्रह्लाद जोशी ने बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल से बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही देश को तीसरी और कर्नाटक को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिल गई है। इस नई ट्रेन से दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन का निरीक्षण करने के बाद कहा कि यह सेवा देश की प्रौद्योगिकी राजधानी बेंगलुरु को आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। ट्रेन में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें बेहतर सीट और बर्थ, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं तथा लोको पायलटों के लिए आधुनिक शौचालय की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि यात्रियों को ऊपरी और मध्य बर्थ तक आसानी से पहुंचाने के लिए सीढ़ियों के डिजाइन में बदलाव किया गया है। ट्रेन के कोच विश्वस्तरीय कपलिंग सिस्टम से लैस हैं, जिससे यात्रा के दौरान झटकों को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा प्रणोदन प्रणाली और बोगी के डिजाइन को भी बेहतर बनाया गया है।
1,118 किलोमीटर की दूरी 16 घंटे में
यह ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई के बीच लगभग 1,118 किलोमीटर की दूरी करीब 16 घंटे में तय करेगी। वर्तमान में इस मार्ग पर सामान्य ट्रेनों से सफर करने में लगभग 22 से 24 घंटे लगते हैं। ऐसे में नई स्लीपर ट्रेन से यात्रियों के करीब आठ घंटे बचेंगे।
ट्रेन बेंगलुरु से शाम 7:45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचेगी। वापसी में यह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से रात 8:10 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। यह सेवा सोमवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन उपलब्ध रहेगी।
823 यात्रियों के सफर की क्षमता
16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सफर की व्यवस्था है। इसमें 11 थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में थर्ड एसी की 611, सेकंड एसी की 188 और फर्स्ट एसी की 24 बर्थ उपलब्ध हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे, आरामदायक बर्थ, आधुनिक सस्पेंशन, वेस्टिब्यूल, कवच सुरक्षा प्रणाली, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, शोभा करंदलाजे और कर्नाटक सरकार के मंत्री कृष्णा बी. गौड़ा सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







