अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि राज्य सरकार व्यापक जांच, टीकाकरण और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से अगले चार वर्षों में त्रिपुरा को हेपेटाइटिस मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. साहा ने कहा कि सरकार जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि विश्वभर में लगभग 30 करोड़ लोग हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी वायरस से प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व हेपेटाइटिस दिवस हेपेटाइटिस-बी वायरस और उसके टीके के खोजकर्ता डॉ. बारूक ब्लमबर्ग की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हेपेटाइटिस उन्मूलन के लिए वैज्ञानिक उपचार, जनजागरूकता, व्यापक जांच तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
डॉ. साहा ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नौ सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थापित किए गए हैं और जीबी पंत अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में सरकारी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी तथा प्रस्तावित मेडिकल विश्वविद्यालय के लिए प्रशासनिक कार्य शुरू कर दिए गए हैं। साथ ही, बच्चों और किशोरों के लिए टीकाकरण अभियान भी राज्य की निवारक स्वास्थ्य रणनीति के तहत जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने ‘सुस्थ शैशब, सुस्थ किशोर’ कार्यक्रम की सफलता तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का भी उल्लेख किया।







