वाराणसी: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधा मिल सकती है। दीपावली और छठ पर्व से पहले इस नई ट्रेन के संचालन की तैयारियां की जा रही हैं। इससे पूर्वांचल के यात्रियों को तेज और आरामदायक रेल यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर आठ से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। हालांकि, उद्घाटन और नियमित परिचालन से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
त्योहारों से पहले यात्रियों को मिल सकती है सौगात
नई स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से त्योहारों के दौरान वाराणसी और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है। ट्रेन के उद्घाटन को लेकर रेलवे स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। लखनऊ और दिल्ली से रेलवे अधिकारियों के वाराणसी पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।
इसके साथ ही आम यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग शुरू करने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। नई ट्रेन से खासकर उन यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबी दूरी की यात्रा के दौरान रात में सोने की सुविधा चाहते हैं।
रात में सफर, सुबह दिल्ली पहुंचने की योजना
प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 27421/27422 के तहत स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा सकता है। वाराणसी से नई दिल्ली के लिए ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 5:55 बजे पहुंच सकती है। वहीं, दिल्ली से वाराणसी के लिए ट्रेन रात 9:40 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:45 बजे पहुंचने का संभावित कार्यक्रम है।
इन समयों के लागू होने पर यात्रियों को रातभर सफर करने के बाद सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, समय-सारिणी में बदलाव संभव है।
16 कोच वाली ट्रेन में 800 से अधिक यात्रियों की क्षमता
प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच होने और 800 से अधिक यात्रियों के बैठने व सोने की सुविधा उपलब्ध होने की संभावना है। उद्घाटन संबंधी तैयारियों के तहत ट्रेन को लोहता स्टेशन के पास स्थित वाशिंग पिट में रखा गया है।
नई ट्रेन के शुरू होने से वाराणसी-दिल्ली रेल संपर्क को मजबूती मिलने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।







