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त्रिपुरा के चाय उद्योग में होगा 726 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश

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A massive investment of Rs 726 crore will be made in the tea industry of Tripura.

अगरतला: त्रिपुरा चाय विकास निगम (टीटीडीसी) के अध्यक्ष समीर रंजन घोष ने बुधवार को कहा कि त्रिपुरा में चाय उद्योग को चार निजी कंपनियों से 726 करोड़ रुपये का निवेश मिलने जा रहा है। इस निवेश प्रस्तावों को नौ और 10 जुलाई को होने वाले ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव’ में समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस प्रस्तावित निवेश से लगभग 4,000 रोजगार के अवसरों का सृजन होगा, जो त्रिपुरा के चाय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
श्री घोष ने यहां बताया कि रुचि दिखाने वाली कंपनियों में मोनोवर्ल्ड रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड, इतिबाचक वार्ता फाउंडेशन, इन्फीडायरेक्ट टेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और एनडीआर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ये कंपनियां छोटे चाय उत्पादक समूहों के विकास और अनुसंधान, कौशल विकास, डिजिटल तकनीक अपनाने, ब्रांडिंग, विपणन और चाय पर्यटन की विभिन्न पहलों के लिए निवेश करेंगी।


एनडीआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने एकीकृत चाय बागानों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), मूल्य संवर्धन सुविधाओं और एक निर्यात सुविधा केंद्र के विकास में 500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनायी है। मोनोवर्ल्ड रीसाइक्लिंग चाय क्षेत्र में प्रगति के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहती है, जबकि इतिबाचक वार्ता फाउंडेशन ने चाय बागानों और कारखानों के आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है। इन्फीडायरेक्ट टेक सॉल्यूशंस का लक्ष्य लीज या सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत टीटीडीसी चाय बागानों के प्रबंधन के साथ-साथ चाय सम्मिश्रण (ब्लेंडिंग) और पैकेजिंग इकाइयां स्थापित करने के लिए 26 करोड़ रुपये आवंटित करना है।
श्री घोष ने त्रिपुरा में प्रस्तावित चाय नीलामी केंद्र के संबंध में स्पष्ट किया कि हालांकि कार्यालय स्थान और गोदामों जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं पहले से ही तैयार हैं, लेकिन संभावित खरीदारों द्वारा उठाये गये परिवहन सब्सिडी के मुद्दे के कारण इसकी शुरुआत अभी लंबित है।

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श्री घोष ने कहा, “खरीदारों ने राज्य सरकार से परिवहन सब्सिडी की मांग की है। सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है। हमें उम्मीद है कि इस मुद्दे का जल्द ही समाधान हो जाएगा ताकि नीलामी केंद्र चालू हो सके।” वर्तमान में, त्रिपुरा की चाय की नीलामी असम और पश्चिम बंगाल के केंद्रों के माध्यम से की जाती है। त्रिपुरा में प्रस्तावित नीलामी केंद्र की योजना पर चर्चा करने के लिए इन राज्यों के खरीदारों के साथ भी बैठकें निर्धारित हैं। श्री घोष ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य भर के चाय बागानों में लगभग 20,000 श्रमिक कार्यरत हैं, जिनकी वर्तमान दैनिक मजदूरी 204 रुपये निर्धारित है, जो 2018 से पहले की 105 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी की तुलना में एक बड़ी वृद्धि को दर्शाती है।