Home राष्ट्रीय Ministry of Panchayati Raj का बड़ा ऐलान: पंचायतों को 4.35 लाख करोड़...

Ministry of Panchayati Raj का बड़ा ऐलान: पंचायतों को 4.35 लाख करोड़ अनुदान, आत्मनिर्भर गांवों पर जोर

125
0
A major announcement by the Ministry of Panchayati Raj: 4.35 lakh crore grants to panchayats, emphasis on self-reliant villages

नयी दिल्ली: ग्रामीण निकायों को केंद्रीय वित्त आयोग ने इस बार 4.35 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अनुदान दिया है, जो पिछली बार के 2.36 लाख करोड़ से लगभग दोगुना है। केंद्रीय पंचायती राज सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि इससे पंचायतों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और गांवों के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से प्रेरित है। भारद्वाज ने बताया कि ग्रामीण निकायों को मिले इसे अनुदान में से 87 हजार करोड़ रुपये आय के स्रोत विकसित करने के लिए दिए गए हैं। यदि ग्राम पंचायत या जिला परिषद अपनी आय में कम से कम 2.5% वृद्धि करती है, तो उसे अतिरिक्त अनुदान मिलेगा।

भारद्वाज ने कहा, इससे पंचायतों को स्वावलंबी बनने का प्रोत्साहन मिलेगा। भारद्वाज ने बताया, भारत में कुल 25 लाख पंचायत प्रतिनिधियों में लगभग 14 लाख महिला प्रतिनिधि हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर प्रधान-पति की प्रवृत्ति बनी हुई है, जिसके सुधार के लिए समिति बनाई गई है। समिति की रिपोर्ट पर राज्यों को सुधार के लिए कहा जाएगा। केंद्रीय सचिव ने कहा कि समान संरचना के बावजूद पंचायतों की कार्यक्षमता में अंतर है और दक्षिण भारत के राज्य आय सृजन में आगे हैं। आंध्र प्रदेश ने संपत्ति कर से 1000 करोड़ रुपये से अधिक और कर्नाटक ने करीब 1,350 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

GNSU Admission Open 2026

उन्होंने कहा, पंचायतों में आय सृजन को विकास का मुद्दा समझना होगा, न कि चुनावी हार-जीत का। इसके लिए जागरूकता व जनभागीदारी को उन्होेंने जरूरी बताया है। केंद्रीय सचिव ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत 3.30 लाख गांवों में लगभग सभी जगह ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है और नक्शे राज्य सरकारों को सौंपे गए हैं। दावा-आपत्ति के बाद इन्हें अंतिम रूप देकर ग्रामीणों को संपत्ति पर कानूनी अधिकार सुनिश्चित किया जाता है। भारद्वाज ने बताया कि देश की 2.55 लाख ग्राम पंचायतें ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से जुड़ चुकी हैं, जहां योजना, खर्च, लेखा और ऑडिट एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज होते हैं। वहीं, ‘मेरी पंचायत’ एप से नागरिक खर्चों की जानकारी ले सकते हैं, जिसे एक करोड़ से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।