चमोली। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत चमोली पुलिस ने अवैध भांग की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। पुलिस, वन विभाग, समाज कल्याण विभाग और विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने देवाल क्षेत्र के रामपुर तोक में करीब 70 नाली भूमि पर उगाई जा रही अवैध भांग की फसल को चिह्नित कर नष्ट किया।
पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में एसओजी चमोली और चौकी देवाल की टीम ने अन्य विभागों के साथ मिलकर अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने रामपुर तोक और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध रूप से उगाई गई भांग की फसल को नष्ट करने की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि बिना अनुमति अवैध रूप से भांग की खेती करना कानूनन अपराध है। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीम ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए आसपास उगने वाली जंगली भांग को भी सामूहिक प्रयास से नष्ट करने की अपील की।
अभियान के दौरान ग्रामीणों से युवाओं को नशे से दूर रखने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस एवं प्रशासन को देने का आग्रह किया गया। पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में आम लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
संयुक्त अभियान में ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया। प्रभारी एसओजी उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला ने फर्जी केवाईसी अपडेट, बैंक या एटीएम बंद होने का झांसा, ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग, फर्जी लोन, नौकरी के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कस्टमर केयर तथा संदिग्ध लिंक और क्यूआर कोड के जरिए होने वाली साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी।
ग्रामीणों को सलाह दी गई कि वे अनजान लोगों के साथ ओटीपी, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, पिन, सीवीवी, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से भी बचने को कहा गया।
पुलिस ने साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। साथ ही परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की।







