अगरतला में रेजिडेंट डॉक्टरों की पेन-डाउन हड़ताल की चेतावनी
Resident doctors in Agartala warn of a pen-down strike.

अगरतला। अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज (एजीएमसी) के रेजिडेंट डॉक्टरों और स्नातकोत्तर प्रशिक्षुओं ने एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़ी घटना और उससे संबंधित सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में पेन-डाउन हड़ताल की चेतावनी दी है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने अधिकारियों को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए समयसीमा दी है। मांगें पूरी नहीं होने पर डॉक्टर सोमवार से विरोध शुरू करने की बात कह रहे हैं।

आरडीए के अनुसार, घटना से जुड़ी कुछ ऑनलाइन सामग्री बिना अनुमति के साझा की गई और इसमें कथित तौर पर भ्रामक जानकारी प्रसारित हुई। संगठन ने कहा कि उसने इस मामले में अपना पक्ष इसलिए सार्वजनिक किया है, क्योंकि यह केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों की निजता, गरिमा और पेशेवर प्रतिष्ठा से भी जुड़ा विषय है।

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एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में उस व्यक्ति या लोगों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है, जिन पर बिना अनुमति मरीज की क्लिनिकल जांच का वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने का आरोप है। आरडीए ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और प्लेटफॉर्म के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जहां कथित तौर पर डॉक्टर से संबंधित अपुष्ट या मानहानिकारक सामग्री साझा की गई।

डॉक्टरों के संगठन ने सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो, फोटो, रील और अन्य पोस्ट को हटाने की मांग की है। आरडीए का कहना है कि ऐसी सामग्री को आगे प्रसारित होने से रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन ने कथित तौर पर अपुष्ट जानकारी प्रकाशित या साझा करने वाले मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आवश्यक होने पर सुधार, स्पष्टीकरण और माफी जारी करने की मांग की है।

आरडीए ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर उपलब्ध किसी भी सामग्री के आधार पर तत्काल निष्कर्ष न निकालें और जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। संगठन ने कहा कि अपुष्ट सामग्री डॉक्टर-मरीज के संबंध और स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।

स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में है और समाधान के लिए उचित निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पोस्ट और उसके प्रसार से जुड़े मामले में सरकार कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों से आंदोलन के व्यापक सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखने की अपील की।