तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने राज्य में सड़क और परिवहन ढांचे के दीर्घकालिक विकास के लिए 10 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित योजना में प्रमुख जंक्शनों के सुधार, फ्लाईओवर, नए बाईपास, सड़क चौड़ीकरण और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री पी. के. बशीर के अनुसार, मौजूदा सड़कों और पुलों के नेटवर्क का वैज्ञानिक आकलन करने तथा भविष्य की यातायात जरूरतों को समझने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है। समिति विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने के लिए विस्तृत अध्ययन करेगी।
समिति यातायात मांग, मौजूदा सड़क क्षमता, कनेक्टिविटी, भविष्य के शहरी विस्तार और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे मानकों के आधार पर उन सड़कों और पुलों की पहचान करेगी, जिन्हें उन्नयन की जरूरत है। प्रमुख जंक्शनों पर यातायात दबाव का अध्ययन कर जंक्शन सुधार, फ्लाईओवर, नए बाईपास और सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकताओं का भी आकलन किया जाएगा।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी ए. शाजहान समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि पीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त सचिव वी. आर. विनोद संयोजक की जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति में पीडब्ल्यूडी की सड़क, पुल और डिजाइन शाखाओं के मुख्य अभियंता, केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक तथा केरल हाईवे रिसर्च इंस्टीट्यूट, नैटपैक और तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के परिवहन इंजीनियरिंग विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं।
समिति सड़क परियोजनाओं को प्रमुख, मध्यम और छोटे वर्गों में बांटने के लिए मानदंड भी तैयार करेगी। सड़क सुरक्षा को योजना में विशेष महत्व दिया जाएगा और प्रमुख सुरक्षा उपायों की अलग सूची तैयार की जाएगी। इसमें पैदल यात्रियों की सुरक्षा के उपाय भी शामिल होंगे। इसके अलावा सड़क फर्नीचर, उसके रखरखाव और सड़क सौंदर्यीकरण से जुड़े सुझाव भी दिए जाएंगे।
समिति को काम शुरू होने के दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद चयनित परियोजनाओं को केरल रोड फंड बोर्ड के माध्यम से लागू किया जाएगा। बोर्ड परियोजनाओं की तैयारी, मंजूरी, क्रियान्वयन और निगरानी में समन्वय करेगा।







