नयी दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सफाईकर्मियों को उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ उनके योगदान को गरिमा और सम्मान के साथ मान्यता देना जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता को केवल सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी न मानकर प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ में मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिला सफाईकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए तथा सभी पात्र कर्मियों को उनके अधिकार और कल्याणकारी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए।
गुप्ता ने स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने की जानकारी देते हुए बताया कि हाल में 1,000 कचरा उठाने वाली मशीनों और 100 सफाई मशीनों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे हाथ से होने वाले सफाई कार्यों से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा पांच लाख रुपये के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कवरेज के अतिरिक्त पांच लाख रुपये का टॉप-अप कवरेज मिलने से लाभार्थियों का कुल स्वास्थ्य कवरेज 10 लाख रुपये तक हो जाएगा।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नमस्ते योजना के तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा कचरा बीनने वालों के लिए स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी दी।
केंद्रीय राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने बताया कि नमस्ते योजना का दायरा बढ़ाकर मल-कीचड़ उपचार संयंत्रों और सीवेज उपचार संयंत्रों से जुड़े कर्मियों को भी शामिल किया गया है। इन कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एमसीडी के महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि निगम में 3,000 से अधिक सफाईमित्रों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। शिविर में सफाईकर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के लिए एकल-खिड़की मंच भी प्रदान किया गया।







