फॉक्सवैगन में 12 हजार और नौकरियां घटाने की तैयारी
Volkswagen prepares to cut another 12,000 jobs

बर्लिन: जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन वर्ष 2030 तक करीब 12,000 अतिरिक्त नौकरियां कम करने की योजना बना रही है। जर्मन अखबार ‘बिल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित कटौती कंपनी के पहले से स्वीकृत कार्यबल अनुकूलन कार्यक्रम के अतिरिक्त होगी। इस योजना से कंपनी के कर्मचारियों के बीच रोजगार को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

पहले से 35 हजार से अधिक नौकरियां घटाने की योजना

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रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन पहले ही अपने व्यापक कार्यबल पुनर्गठन कार्यक्रम के तहत 35,000 से अधिक नौकरियां समाप्त करने की योजना बना चुकी है। अब 2030 तक 12,000 अतिरिक्त पदों में कटौती की तैयारी की खबर सामने आई है। हालांकि, इन अतिरिक्त कटौतियों को लेकर कंपनी की ओर से औपचारिक घोषणा की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

वाहन उद्योग में बदलती परिस्थितियों, लागत कम करने के दबाव और कंपनियों की पुनर्गठन योजनाओं के बीच रोजगार में कटौती का मुद्दा अहम बना हुआ है। फॉक्सवैगन की प्रस्तावित योजना भी इसी व्यापक बदलाव के संदर्भ में देखी जा रही है।

पुनः प्रशिक्षण के जरिए छंटनी की तैयारी

‘बिल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों की छंटनी को सामाजिक रूप से जिम्मेदार तरीके से लागू करना चाहता है। इसके लिए कर्मचारियों को सरकार समर्थित पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने का विकल्प देने की योजना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित कर्मचारियों को नए कौशल हासिल करने और रोजगार के दूसरे अवसरों के लिए तैयार होने में मदद देना बताया गया है।

हालांकि, प्रस्तावित योजना के वास्तविक स्वरूप और इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की श्रेणियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

ट्रेड यूनियन ने दी हड़ताल की चेतावनी

रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी की प्रमुख औद्योगिक ट्रेड यूनियन ‘आईजी मेटाल’ ने प्रस्तावित छंटनी के विरोध में वर्ष 2027 से हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इससे कंपनी प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है।

अखबार ने बताया कि इस मुद्दे पर औपचारिक बातचीत 24 नवंबर को होनी है। इस वार्ता में रोजगार कटौती और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं।

फिलहाल, फॉक्सवैगन की अतिरिक्त नौकरियों में कटौती की योजना और यूनियन के विरोध पर आगे की बातचीत के परिणामों पर नजर बनी हुई है।