कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला रविवार से सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले टेस्ट में 165 रन से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम सीरीज पर कब्जा करने के साथ क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी। वहीं, मेजबान श्रीलंका के सामने सीरीज बराबर करने की चुनौती होगी।
पहले टेस्ट में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन श्रीलंका ने दूसरी पारी में संघर्ष करते हुए मुकाबले को कुछ हद तक रोमांचक बनाए रखा। ऐसे में भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहेगी।
एसएससी की पिच पर शुरुआती दो दिनों में बल्लेबाजों को बेहतर परिस्थितियां मिलने की उम्मीद है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, जबकि जैसे-जैसे पिच पुरानी होगी, स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। तीसरे और चौथे दिन बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य की कड़ी परीक्षा होने की संभावना है।
भारत के लिए टीम संयोजन सबसे बड़ा सवाल है। पहले टेस्ट में केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने अहम योगदान दिया था। रवींद्र जडेजा ने भी ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को संतुलन दिया। यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन टीम की मजबूत बल्लेबाजी ने उनकी कमी पूरी कर दी।
स्पिन विभाग में कुलदीप यादव को लेकर चर्चा है। पहले टेस्ट में उनकी भूमिका सीमित रही थी। इसके बावजूद पिच के टूटने के साथ कुलदीप भारत के लिए अहम हथियार साबित हो सकते हैं। तेज गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने प्रभाव छोड़ा है, इसलिए मौजूदा संयोजन को बरकरार रखने की संभावना भी मजबूत है।
श्रीलंका को अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। पथुम निसंका और कुसल मेंडिस पहले से टीम से बाहर हैं, जबकि दिनेश चांदीमल भी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। कामिल मिशारा, पासिंदु सूरियाबंदारा और सहन अराच्चिगे को टीम में शामिल किया गया है।
गेंदबाजी में असिथा फर्नांडो और लाहिरू कुमारा नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं, जबकि स्पिन के मोर्चे पर प्रभात जयसूर्या महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पहली पारी का स्कोर मुकाबले की दिशा तय करने में अहम हो सकता है। भारत बड़ा स्कोर बनाकर अपने पांच गेंदबाजों के जरिए पिच के बदलते मिजाज का फायदा उठाना चाहेगा। दूसरी ओर, श्रीलंका को भारत पर दबाव बनाने के लिए मजबूत पहली पारी खेलनी होगी।
भारत फिलहाल आत्मविश्वास और टीम संतुलन के मामले में मजबूत स्थिति में है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। श्रीलंका के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज बचाने का मौका नहीं, बल्कि पहले टेस्ट की संघर्षपूर्ण वापसी को जीत में बदलने की चुनौती भी है।







