वर्ल्ड डेस्क: वेनेजुएला में हालिया भूकंपीय गतिविधियों के बाद अब जापान में भी तेज भूकंप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को जापान के उत्तरी हिस्से में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर राजधानी टोक्यो तक महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है और प्रशासन ने सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
जापान की मौसम एजेंसी के अनुसार भूकंप का केंद्र होंशू द्वीप के इवाते प्रांत के पास जमीन से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। भूकंप के बाद सुरक्षा के मद्देनजर कई क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए गए। इवाते प्रांत में शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जबकि स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी।
पड़ोसी ओमोरी प्रांत के हाशिकामी शहर में झटके सबसे अधिक महसूस किए गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कंपन इतना तेज था कि घरों में रखे सामान हिलने लगे और कुछ वस्तुएं गिर गईं। हालांकि व्यापक स्तर पर किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। सार्वजनिक प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार कई शहरों में जनजीवन सामान्य बना रहा और यातायात सेवाएं भी सुचारू रूप से संचालित होती रहीं।
सरकारी प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं होक्काइडो स्थित तोमारी परमाणु संयंत्र के आसपास रेडिएशन स्तर की जांच की गई, जहां सभी मानक सामान्य पाए गए।
प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने सभी सरकारी एजेंसियों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत और निगरानी कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील जापान प्रशांत महासागर के प्रसिद्ध “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां दुनिया की सबसे अधिक भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। यही कारण है कि यहां समय-समय पर आने वाले भूकंप प्रशासन और नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती बने रहते हैं।







