Home मनोरंजन ‘टाइम मशीन’ क्यों हुई बंद? करण जौहर ने किया बड़ा खुलासा

‘टाइम मशीन’ क्यों हुई बंद? करण जौहर ने किया बड़ा खुलासा

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Why was 'Time Machine' shelved? Karan Johar makes a big revelation.

एंटरटेनमेंट डेस्क: फिल्ममेकर और राइटर करण राजदान ने फिल्म इंडस्ट्री में कई भूमिकाएं निभाई हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि वे ‘टाइम मशीन’ नाम की उस महत्वाकांक्षी फिल्म के लेखक थे, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था। शेखर कपूर के निर्देशन में बनने वाली और आमिर खान व जूही चावला स्टारर इस फिल्म ने बनने से पहले ही काफी चर्चा बटोरी थी। हालांकि इस फिल्म को आखिर में रोक दिया गया। राजदान ने बताया था कि फिल्म को क्यों बंद किया गया। फिल्म की कहानी के बारे में बात करते हुए करण राजदान ने बताया कि फिल्म की कहानी आमिर खान के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो गलती से समय में पीछे जाकर महाभारत के दौर में पहुंच जाता है। इस घटनाक्रम को समझाते हुए, राजदान ने बॉलीवुड हंगामा से कहा ‘किरदार को यह नहीं पता होता कि टाइम मशीन कैसे चलानी है। वह मशीन लेकर उड़ जाता है और अतीत में पहुंच जाता है।

जब वह जागता है, तो उसे युद्ध की आवाजें सुनाई देती हैं। वह नीचे देखता है और पाता है कि एक भयंकर युद्ध चल रहा है। भगवान कृष्ण की नजर उस पर पड़ती है। मुख्य किरदार भगवान से पूछता है, ‘यह क्या हो रहा है?’ भगवान कृष्ण जवाब देते हैं, ‘महाभारत लड़ी जा रही है!’ वह हैरान रह जाता है, ‘ओह, यह महाभारत है!” राजदान ने यह भी बताया कि ‘टाइम मशीन’ का आइडिया उन्हें और डायरेक्टर शेखर कपूर को एक निजी दुखद घटना से कैसे आया। उन्होंने बताया ‘शेखर कपूर ने अपनी मां को खो दिया था और मैंने अपने पिता को। दोनों की मौत छह महीने के अंदर ही हो गई थी। उस समय हम ‘दुश्मनी’ पर काम कर रहे थे। हम बैठे थे और हमने अपने गुजर चुके माता-पिता से एक बार और मिलने की इच्छा जाहिर की। यहीं से शेखर को ‘टाइम मशीन’ का आइडिया आया और हमने इसे डेवलप किया।’ सिर्फ 3 महीनों में मैंने कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिख दिए।

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शेखर इतने उत्साहित थे कि उन्होंने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को भी साथ ले लिया। मैंने उन्हें आइडिया सुनाया और बाद में आनंद बख्शी साहब को भी उनके घर पर सुनाया। मैंने आमिर, परेश रावल और बाकी कास्ट को भी कहानी सुनाई।’ राजदान ने बताया ‘मनमोहन शेट्टी, रमेश तौरानी और करण जौहर इसे बनाना चाहते थे। मैंने करण को स्क्रिप्ट भी भेजी थी, लेकिन उन्होंने बहुत ही कम कीमत बताई।’ इसके बाद उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया, जहां उस समय जुगल हंसराज स्टोरी डिपार्टमेंट के हेड थे। ‘जुगल हंसराज धर्मा में स्टोरी डिपार्टमेंट संभाल रहे थे। शेखर ने जुगल से बात की थी और उन्होंने मुझे जुगल से मिलने के लिए कहा। मैंने जुगल से कहा कि मैं खुद कहानी सुनाऊंगा। लेकिन जुगल ने कहा कि ऐसा मुमकिन नहीं होगा क्योंकि करण को स्क्रिप्ट पढ़ना पसंद है। फिर मुझे बताया गया कि मुझे 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। मैं हैरान रह गया। सोना खरीदने आए हो या पीतल? यह तो समझो कि मैं आपको क्या दे रहा हूं?