नयी दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने 13 साल लंबे टेस्ट करियर को विराम दिया। हालांकि, शमी ने स्पष्ट किया है कि वह वनडे, टी-20, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।
36 वर्षीय शमी ने नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने पहले ही मुकाबलों से उन्होंने शानदार सीम और सटीक लाइन-लेंथ वाली गेंदबाजी से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 27.71 और स्ट्राइक रेट 50.2 रहा। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 118 रन देकर नौ विकेट रहा।
शमी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके जीवन का बेहद खास हिस्सा रहा है। इस सफर में उन्हें कई उतार-चढ़ाव, चोटों और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारतीय टीम की जर्सी और टेस्ट कैप ने उन्हें हमेशा मैदान पर वापसी करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने अपने कोच, ट्रेनर, फिजियो और सहयोगी स्टाफ के साथ प्रशंसकों का भी आभार जताया। शमी ने कहा कि मैदान पर भले ही वह अपनी आखिरी टेस्ट गेंद फेंक चुके हैं, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा उनके दिल में रहेगा।
शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला जून 2023 में इंग्लैंड के द ओवल में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के दौरान खेला था। टेस्ट क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी खासियत स्टंप को निशाना बनाना और सीम मूवमेंट का प्रभावी इस्तेमाल करना रही। उनके लगभग 45 प्रतिशत विकेट बोल्ड और एलबीडब्ल्यू के रूप में आए।
घरेलू मैदानों पर भी शमी का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत में उन्होंने 22.1 के औसत से विकेट हासिल किए। इसके अलावा बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। पिछले रणजी सीजन में सात मुकाबलों में 37 विकेट लेकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित की थी।
गौरतलब है कि शमी मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से भारतीय टीम के लिए किसी भी प्रारूप में नहीं खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बावजूद उनके प्रशंसकों को सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी वापसी का इंतजार रहेगा।







