पटना (बिहार): मुख्यमंत्री ने छठ महापर्व को लेकर राज्यभर में बेहतर साफ-सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थल और छठ घाटों पर स्वच्छता की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। जिलाधिकारी स्वयं इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्वयंसेवकों को भी छठ की व्यवस्थाओं में शामिल करने पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों के घाटों पर स्थानीय तैराकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कहीं भी नंगे बिजली के तारों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। साथ ही, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दलित एवं महादलित टोलों में जाकर लोगों के साथ पर्व मनाने तथा आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सक्षम एवं संपन्न लोगों से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील के प्रचार-प्रसार का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनें।
विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं की संख्या दोगुनी कर दी गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी गांव विकास कार्यों से वंचित नहीं रहे। सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को भी अभियान में शामिल किया जाए। बाढ़ से क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने को कहा गया।
भ्रामक और फर्जी खबरों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक स्तर पर क्विक रिस्पांस टीम गठित करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी खबर के सही होने पर तत्काल कार्रवाई और गलत होने पर शीघ्र खंडन किया जाए। इसके लिए अधिकतम चार घंटे के भीतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को हर महीने उद्योगपतियों के साथ बैठक करने, जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना पर काम करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने 16 नवंबर के बाद विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा तथा 25 नवंबर के बाद विभिन्न जिलों का दौरा करने की बात भी कही।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी। डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों, 1,500 पीटीसी होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।







