
रांची: झारखंड में मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया गया सोशल मीडिया अभियान #DownloadECINet राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह हैशटैग आठवें स्थान पर ट्रेंड हुआ। अभियान की सफलता पर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी हितधारकों को बधाई एवं धन्यवाद दिया।
के. रवि कुमार ने कहा कि झारखंड के युवाओं ने अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई और बड़ी संख्या में ईसीआईनेट ऐप डाउनलोड किया। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता से जुड़े संदेशों को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्र युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने और उन्हें निर्वाचन संबंधी सही एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया गया था। इसके तहत राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में गठित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के माध्यम से विद्यार्थियों को ईसीआईनेट ऐप की उपयोगिता बताई गई। साथ ही उन्हें पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और विभिन्न सरकारी सोशल मीडिया हैंडल्स से हजारों पोस्ट साझा किए गए। स्कूलों और कॉलेजों के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई। एक्स पर हैशटैग के आठवें स्थान पर ट्रेंड करने के अलावा इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी हजारों पोस्ट साझा किए गए। इन पोस्ट को लाखों व्यूज मिले और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी दर्ज की गई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं को इलेक्शन एम्बेसडर मानकर इस अभियान को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे पात्र भारतीय नागरिक, जिन्होंने एक अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, उन्हें फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति या विदेशी नागरिक इसमें शामिल न हो।






