
चंडीगढ़: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल स्थगित हो गई है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनने से संयुक्त मोर्चा ने यह फैसला लिया। त्योहारी मौसम को देखते हुए कर्मचारियों ने बस सेवाएं सुचारु रखने और यात्रियों को परेशानी से बचाने के उद्देश्य से हड़ताल टाल दी है।
हरियाणा सचिवालय में आयोजित बैठक करीब साढ़े चार घंटे तक चली। इसमें परिवहन विभाग के कमिश्नर अतुल द्विवेदी और महानिदेशक निखिल गजराज मौजूद रहे। ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक खोखर ने बताया कि कर्मचारियों की आठ प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। शेष मांगों के समाधान के लिए परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ अगली बैठक 25 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
बैठक में 750 परिचालकों को सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत करने पर सहमति बनी। इसके अलावा पिछली हड़तालों के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित रहे कर्मचारियों को संबंधित दिनों में उपस्थित मानने का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश के साथ विभागीय नियमों के अनुसार अन्य छुट्टियां देने पर भी सहमति बनी।
एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर यह स्पष्ट किया गया कि यदि बस में कोई बाहरी व्यक्ति टिकट नहीं कटवाता है, तो इसके लिए परिचालक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने इसे अपने हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
हालांकि, कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। इनमें वर्ष 2015 से अब तक का लंबित दिवाली बोनस और तीन इंक्रीमेंट देने की मांग शामिल है। इसके अलावा वर्ष 2016 की भर्ती के तहत नियुक्त कर्मचारियों को नियमित करने और पिछले दस वर्षों का बकाया दिवाली बोनस जारी करने की मांग भी उठाई गई।
परिवहन विभाग के महानिदेशक ने कर्मचारी संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद आयोजित बैठक में संयुक्त मोर्चा से जुड़े 12 कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, अगली बैठक में लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। फिलहाल हड़ताल स्थगित होने से हरियाणा में रोडवेज बस सेवाओं के सामान्य रूप से संचालित होने का रास्ता साफ हो गया है और यात्रियों को राहत मिली है।






